आपका जन्म एक प्रतिष्ठित संगीत परिवार में हुआ। आपने संगीत की शिक्षा अपने पिता श्री रामचंद्र दत्तात्रेय नाथ पुंरदरे (ढोली बुवा) से प्राप्त की जिसमें वायलिन, हारमोनियम, बाँसुरी आदि वाद्यों का प्रशिक्षण प्रमुख हैं।
आपने एम. ए. एवं एम. म्यूज (शिक्षण) की परीक्षा प्रथम श्रेणी में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से वायलिन विषय में प्राप्त की।
संगीत प्रवीण परीक्षा प्रथम श्रेणी में प्रयाग संगीत समिति द्वारा वायलिन विषय में उत्तीर्ण की है।
संगीत प्रभाकर परीक्षा प्रयाग संगीत समिति के द्वारा गायन विषय में उत्तीर्ण की है।