कक्षाएँ

कलाश्री संगीत प्रशिक्षण संस्था में पेशेवर प्रशिक्षकों से संगीत सीखें

हमारी कक्षाएँ

सभी स्तरों के लिए हमारे विविध संगीत पाठों का अन्वेषण करें।

कलाश्री वाघ-वृंद के नाम से यह संस्था विगत 15 वर्षों से कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही है, देश के कई नगरों में इस संस्था द्वारा संगीत के कार्यक्रम प्रस्तुत किये जा चुके है।
Middle School Students At Music Class
संस्था का समय
सोमवार - शुक्रवार
08.00 - 17.00
शनिवार - रविवार
बंद

विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभ्यास से शास्त्रीय गायन में महारत हासिल करें।

कक्षा (classroom) में शास्त्रीय गायन (Classical Vocal Music) सिखाना एक अत्यंत सजीव, अनुशासित और दिव्य कार्य है ।इसके लिए केवल राग, सुर और ताल सिखाना ही नहीं, बल्कि सुनने, साधने, भाव व्यक्त करने की कला भी विद्यार्थियों में जगानी होती है। यदि आप एक शिक्षक हैं या कोई म्यूजिक क्लास चला रहे हैं, तो नीचे दी गई क्रमबद्ध योजना आपकी बहुत मदद करेगी।

यहाँ बताया गया है कि आप हमारी कक्षाओं में क्या सीखेंगे :

  • शुरुआत - स्वर और सुर की नींव
  • अलंकार अभ्यास
  • ताल का अभ्यास
  • राग की शुरुआत
  • तान और मींड का अभ्यास आदि।
शास्त्रीय गायन

विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभ्यास से बांसुरी में महारत हासिल करें।

बांसुरी की कक्षा (class) में विद्यार्थियों को सिखाना एक बहुत ही आनंददायक और सुसंस्कृत अनुभव होता है, लेकिन इसके लिए एक सुव्यवस्थित और धैर्यपूर्ण पद्धति अपनाना जरूरी है । नीचे मैं आपको एक बांसुरी कक्षा का सरल और प्रभावी ढांचा बता रहा हूँ – जिससे आप बच्चों या बड़ों, सभी को सिखा सकते हैं।

यहाँ बताया गया है कि आप हमारी कक्षाओं में क्या सीखेंगे :

  • बांसुरी पकड़ना और फूंकना सिखाएं
  • बुनियादी सुरों का अभ्यास
  • ताल और लय का परिचय
  • राग की शुरुआत
  • अभ्यास और होमवर्क देनाताल और लय का परिचय आदि।
बांसुरी पाठ

विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभ्यास से वायलिन में महारत हासिल करें।

कक्षा (class) में वायलिन (Violin) सिखाना एक बेहद सौंदर्यपूर्ण और अनुशासित कार्य है । वायलिन पश्चिमी और भारतीय शास्त्रीय संगीत - दोनों में प्रयुक्त होता है, पर अगर आप भारतीय शैली में सिखाना चाहते हैं, तो आपको रियाज़, श्रवण और तकनीक पर विशेष ध्यान देना होगा ।
नीचे मैं आपको एक वायलिन कक्षा की चरणबद्ध योजना दे रहा हूँ: कैसे शुरुआत करें, क्या-क्या सिखाएं, और किन बातों पर ध्यान दें ।

कक्षा में वायलिन कैसे सिखाया जाता है?

  • पहले दिन - वायलिन का परिचय
  • स्वर और बोग तकनीक सिखाना
  • फिंगर पोजिशन और सरगम सिखाना
  • अलंकार और पैटर्न
  • ताल और लय
वायलिन पाठ

विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभ्यास से हारमोनियम में महारत हासिल करें।

कक्षा (class) में हारमोनियम (Harmonium) सिखाना सबसे प्रभावी और लोकप्रिय तरीकों में से एक है भारतीय संगीत सिखाने का यह एक ऐसा वाद्य यंत्र है जिससे स्वर (notes ), राग, ताल, गीत, अलंकार, और भाव सभी का अभ्यास कराया जा सकता है बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्र के लिए हारमोनियम सिखाना आसान और आनंददायक होता है यदि आप एक सुनियोजित और क्रमबद्ध पद्धति अपनाएँ।


यहाँ बताया गया है कि आप हमारी कक्षाओं में क्या सीखेंगे :

  • पहले दिन हारमोनियम का परिचय
  • सही बैठना और हाथ का अभ्यास
  • सा रे ग सिखाना
  • अलंकार
  • ताल और लय का अभ्यास
  • सरगम गीत और राग की शुरुआत आदि।
हारमोनियम पाठ

विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभ्यास से संतूर वादन में महारत हासिल करें।

कक्षा में संतूर वादन (Santoor Playing ) सिखाना एक बेहद शांति प्रदान करने वाला और उच्च श्रेणी का वाद्य- अभ्यास है। संतूर की मधुर और झंकारदार ध्वनि विद्यार्थियों को सुर, लय और भाव के प्रति सजग करती है । यह वाद्य यंत्र सिखाने के लिए एक सुनियोजित, अभ्यास पूरक और श्रवण-आधारित पद्धति अपनाई जाती है।


यहाँ बताया गया है कि आप हमारी कक्षाओं में क्या सीखेंगे :

  • संतूर का परिचय
  • सही पकड़ और स्ट्राइक टेक्निक
  • स्वर परिचय और अभ्यास
  • लय और ताल अभ्यास
  • सरगम और अलंकार अभ्यास
  • राग की शुरुआत आदि।
संतूर वादन

विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अभ्यास से आध्यात्मिक संगीत में महारत हासिल करें।

आध्यात्मिक संगीत की कक्षा एक ऐसी जगह होती है जहाँ केवल संगीत नहीं, बल्कि मन की शुद्धता, ध्यान, भाव और आत्मिक अनुभूति सिखाई जाती है । यह संगीत भजन, कीर्तन, सूफी, शब्द, मंत्रोच्चार या मेडिटेशन म्यूज़िक के रूप में हो सकता है - इसका मूल उद्देश्य होता है मन को भीतर की ओर मोड़ना । नीचे आपको दिया जा रहा है एक व्यवस्थित योजना, जिससे आप कक्षा में प्रभावी और भावपूर्ण तरीके से आध्यात्मिक संगीत सिखा सकते हैं।

यहाँ बताया गया है कि आप हमारी कक्षाओं में क्या सीखेंगे :

  • कक्षा की भूमिका और माहौल
  • बेसिक्स स्वर और भाव
  • मंत्र और ध्वनि-चिकित्सा
  • भजन और कीर्तन गायन
  • ध्यान संगीत और रागों की अनुभूति
आध्यात्मिक संगीत